बिहार के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। ऐतिहासिक नगरी राजगीर में पहली बार ‘एशिया रग्बी (अंडर-20) चैंपियनशिप-2025’ का आयोजन किया जा रहा है। 2 दिवसीय प्रतियोगिता की शुरुआत 9 अगस्त को होगी, समापन 10 अगस्त को होगा।
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प्रतियोगिता में भारत सहित चीन, संयुक्त अरब अमीरात, हांगकांग, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया और नेपाल समेत 9 देशों के खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। 8 पुरुष और 8 महिला टीमों के बीच रोमांचक मुकाबल देखने को मिलेगा। विशेष बात यह है कि एशिया के 32 रग्बी खेलने वाले देशों में से केवल शीर्ष 8 रैंकिंग वाली टीमें ही इस चैंपियनशिप में भाग लेती हैं।
प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। 8 अगस्त को राजगीर खेल परिसर के कबड्डी हॉल में भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। जारी शेड्यूल के अनुसार पहले दिन यानी 9 अगस्त को कुल 24 मुकाबले खेले जाएंगे। दूसरे दिन 10 अगस्त को सुबह 10 बजे से सेमीफाइनल, फाइनल और स्थान निर्धारण के लिए कुल 16 मैच आयोजित होंगे।
राजगीर खेल परिसर का निरीक्षण करते डीएम-एसपी।
4.08 करोड़ की लागत से भव्य आयोजन
इस महत्वाकांक्षी आयोजन के लिए राज्य मंत्रिपरिषद की ओर से 19 मार्च 2025 को 4.08 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। सभी टीमें राजगीर में ही ठहरेंगी, जिससे स्थानीय संस्कृति और रग्बी का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
भारतीय टीमों की चुनौती
पुरुष और महिला दोनों वर्गों में भारतीय टीमों को कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। पुरुष वर्ग में भारत को पूल ए में रखा गया है। पहला मुकाबला संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से होगा। महिला वर्ग में भारत पूल डी में है। उनका पहला सामना कजाकिस्तान की मजबूत टीम से होगा।
पूल मैचों में दोनों टीमों को तीन-तीन मुकाबले खेलने होंगे। जिसमें हर मैच का महत्व अंतिम चरण में पहुंचने के लिए अत्यधिक होगा। भारतीय टीमों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। अपनी रग्बी क्षमताओं को एशियाई स्तर पर साबित करने का।

राजगीर खेल परिसर में तैयारियां पूरी।
टीमों का वितरण और प्रतिस्पर्धा
महिला और पुरुष वर्ग की कुल 16 टीमों को चार पूल में बांटा गया है। पुरुष वर्ग में पूल ए में भारत के साथ हांगकांग, श्रीलंका और यूएई शामिल हैं। पूल बी में मलेशिया, उज्बेकिस्तान, चीन और कजाकिस्तान की टीमें हैं।
महिला वर्ग में पूल सी में चीन, नेपाल, उज्बेकिस्तान और श्रीलंका की टीमें हैं, जबकि पूल डी में भारत के साथ हांगकांग, यूएई और कजाकिस्तान शामिल हैं। यह वितरण प्रत्येक पूल में संतुलित प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है।
सेमीफाइनल की रोचक व्यवस्था
सेमीफाइनल में एक पूल का विजेता दूसरे पूल में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से भिड़ेगा। यह व्यवस्था न केवल रोमांचक मुकाबले सुनिश्चित करती है, बल्कि हर मैच में टीमों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित भी करती है।
10 अगस्त को केवल फाइनल और सेमीफाइनल ही नहीं, बल्कि तीसरे-चौथे, पांचवें-छठे और सातवें-आठवें स्थान के लिए भी मुकाबले होंगे, जिससे हर टीम को अपनी सर्वोत्तम रैंकिंग हासिल करने का अवसर मिलेगा।