गयाजी में भारत छोड़ो आंदोलन की ऐतिहासिक वर्षगांठ और क्रांति दिवस के मौके पर बीजेपी नेताओं ने वीर सपूतों को नमन किया। कोतवाली के पास स्वतंत्रता सेनानी शहीद स्मारक, जगन्नाथ मिश्रा, भुई राम, कैलाश राम और धामी टोला के कैलाश के स्मारक पर पुष्प मालाएं अर्प
।
राष्ट्रभक्ति, एकता का संदेश
इस मौके पर बीजेपी नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो का नारा दिया था। इस आंदोलन में देशभर के लाखों स्वतंत्रता सेनानी जेल गए। यातनाएं सही और अनगिनत वीरों ने प्राण न्योछावर किए। यह दिन सिर्फ इतिहास को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, बलिदान और एकता का संदेश भी देता है।
गया जिला और बिहार ने स्वतंत्रता आंदोलन में अहम भूमिका निभाई है। यहां के क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत को सीधी चुनौती दी और जनमानस में स्वतंत्रता की लौ जगाई। आज जो हम स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत में सांस ले रहे हैं, वह इन वीर सपूतों के साहस, त्याग और बलिदान का परिणाम है। इनके त्याग को कभी नहीं भुलाया जा सकता।
जीने और मरने का साहस
डॉ. मिश्रा ने आह्वान किया कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए ईमानदारी, निष्ठा और सेवा भाव से कार्य करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। मिलजुल कर कार्य करने से भारत को विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनाया जा सकता है। 9 अगस्त का दिन हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता संग्राम सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि सतत प्रेरणा है, जो देश के लिए जीने और मरने का साहस देती है।