व्यवसायियों को करता था टारगेट, मुन्ना मियां-रंजीत सिंह की क्राइम कुंडली जानिये

Spread the love share


छपरा. सारण जिले में पुलिस ने अपराध जगत में दहशत का पर्याय बने दो कुख्यात अपराधियों, मुन्ना मियां और रंजीत सिंह का एनकाउंटर किया जिसमें दोनों अपराधी जख्मी हो गए हैं. 24 घंटे के अंदर एनकाउंटर की यह दूसरी बड़ी घटना है. पुलिस ने शुक्रवार को मुठभेड़ में मुन्ना मियां और रंजीत सिंह को गोली मार दी. दोनों पर हत्या, लूट, रंगदारी समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे और लंबे समय से पुलिस की सूची में टॉप टारगेट पर थे. घटना के बाद सदर अस्पताल पहुंचे एसएसपी में साथ तौर पर कहा कि अपराधी जैसी कार्रवाई करेंगे उनका जवाब वैसे ही दिया जाएगा. पुलिस को घटनास्थल से हथियार भी बरामद हुआ है.

यह कार्रवाई 48 घंटे के भीतर सारण पुलिस का दूसरा एनकाउंटर है, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया है. पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. एनरकाउंटर के बाद एसएसपी सारण कुमार आशीष ने बताया कि 40 साल का मुन्ना मियां कई अपराधिक कांडों में संलिप्त था और फरार चल रहा था. इस पर पचास हजार का इनाम भी था. वहीं, भरहोपुर निवासी रंजीत सिंह भी कई मामलों में संलिप्त था. आइये इन दोनों ही कुख्यात की क्राइम कुंडली जानते हैं.

50 हजार का इनामी अपराधी था मुन्ना मियां

40 साल का कुख्यात मुन्ना मियां एकमा हाईस्कूल के पास का निवासी है और वह लंबे समय से पुलिस की वांटेड लिस्ट में था. उस पर हत्या, लूट, रंगदारी और डकैती जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं. वह पुलिस को चकमा देता रहा. सूत्रों के अनुसार, वह स्थानीय स्तर पर रंगदारी और आपराधिक गतिविधियों का सरगना था. उस पर दर्ज दर्जनों मामलों में कई थानों में FIR दर्ज हैं, जिनमें एकमा, मुफस्सिल और आसपास के थाने शामिल हैं. 50 हजार रुपये का इनाम घोषित होने के कारण वह पुलिस की टॉप टारगेट लिस्ट में था. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मुन्ना मियां ने छपरा और आसपास के क्षेत्रों में रंगदारी और हिंसक अपराधों के जरिए दहशत का माहौल बनाए रखा.

सारण जिले के एसएसपी कुमार आशीष ने कहा, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

अपराध की शुरुआत और नेटवर्क

मुन्ना मियां ने अपराध की दुनिया में कदम छोटे-मोटे अपराधों से रखा, लेकिन जल्द ही वह संगठित अपराध की ओर बढ़ गया. उसने स्थानीय स्तर पर एक गिरोह बनाया जो व्यापारियों और ठेकेदारों से रंगदारी वसूलने में माहिर था. हत्या और लूट जैसे अपराधों में उसकी संलिप्तता ने उसे अपराध जगत में कुख्यात बना दिया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह अपने रंजीत सिंह जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका था. उसका नेटवर्क छपरा के अलावा पड़ोसी जिलों तक फैला हुआ था जिससे वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा.

अपराध की दुनिया का नया नाम रंजीत

मुन्ना मियां का अहम सहयोगी 33 सराल का रंजीत सिंह भरहोपुर का निवासी है और यह भी कई आपराधिक मामलों में शामिल था. हत्या, अपहरण और रंगदारी जैसे अपराधों में उसका नाम सामने आया था. युवा होने के बावजूद उसने कम समय में अपराध जगत में अपनी धाक जमा ली थी. सारण पुलिस के अनुसार, वह मुन्ना मियां के साथ मिलकर कई घटनाओं को अंजाम दे चुका था. इस एनकाउंटर ने उसके आपराधिक नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है.

ऐेसे हुआ एनकाउंटर, पुलिस ने दबोचा

बता दें कि 8 अगस्त 2025 को एकमा थाना क्षेत्र के तिलकार गांव में एक मुर्गी फार्म पर पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मुन्ना मियां और उसके साथी किसी बड़ी घटना की योजना बना रहे हैं. एकमा थानाध्यक्ष ने तुरंत एक टीम गठित की और एसएसपी कुमार आशीष के नेतृत्व में छापेमारी शुरू हुई. अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग की तो इसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई. इस मुठभेड़ में मुन्ना मियां और रंजीत सिंह के पैर में गोली लगी और दोनों घायल हो गए. पुलिस ने घटनास्थल से हथियार बरामद किए और तीन अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया .

मुन्ना मियां से बड़े खुलासे की संभावना

मुन्ना मियां की गिरफ्तारी से पुलिस को उसके आपराधिक नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है. पूछताछ में वह कई अनसुलझे हत्या, लूट और रंगदारी के मामलों में जानकारी दे सकता है. तीन अन्य गिरफ्तार सहयोगियों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है, जिससे छपरा और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय अन्य अपराधियों का पता चल सकता है. एसएसपी कुमार आशीष ने कहा कि यह एनकाउंटर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है और पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा. इस कार्रवाई से स्थानीय अपराधियों में खौफ का माहौल है.



Source link


Spread the love share