जनता अधिकारी से कर सकेंगे सीधे शिकायत: औरंगाबाद में सात निश्चय-3 के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ पहल; सोमवार- शुक्रवार को लगेगा जनता दरबार – Aurangabad (Bihar) News

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बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय-3 के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ को प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। राज्य सरकार ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसे लेकर समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। डीएम अभिलाषा शर्मा और एसपी अंबरीश राहुल ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया। डीएम ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों को दूर करना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी व सम्मानजनक समाधान सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम होगी और काम संस्कृति में सकारात्मक बदलाव आएगा। जारी निर्देशों के अनुसार, अब प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में आम लोग सीधे संबंधित पदाधिकारी से उनके कार्यालय कक्ष में मिल सकेंगे। इन दोनों निर्धारित काम दिवसों में सभी पदाधिकारियों की कार्यालय में उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इस दौरान नागरिक बिना किसी झिझक के अपनी शिकायतें रख सकेंगे और अधिकारी उन्हें संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए निराकरण की दिशा में कार्रवाई करेंगे। जनता के समस्याओं का प्रभावी समाधान के लिए उठाया कदम जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि यह व्यवस्था जनता की सुविधा और सम्मान को केंद्र में रखकर बनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी अपरिहार्य कारणवश संबंधित पदाधिकारी सोमवार या शुक्रवार को उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो उनकी ओर से अधिकृत कोई अन्य अधिकारी जनता से मिलने के लिए अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेगा। जिन पदाधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग या कार्यालय का प्रभार है, उन्हें दोनों दिनों में सुविधानुसार समय निर्धारित कर सभी कार्यालयों में लोगों से मिलना होगा। पुलिस विभाग में भी इस पहल को गंभीरता से लागू किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अंबरिश राहुल ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप थाना, अनुमंडल, सर्किल और जिला स्तर पर प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को नियमित रूप से जनता दरबार का आयोजन किया जाएगा। जनता दरबार में आम नागरिक अपनी समस्याएं सीधे पुलिस अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। एसपी ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार का मूल उद्देश्य लोगों की बात सुनना और उनकी शिकायतों का समयबद्ध समाधान करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और हर मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



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