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BPSC Paper Leak: आर्थिक अपराध इकाई ने संजीव मुखिया गिरोह के सदस्य संजय कुमार प्रभात को पटना से गिरफ्तार किया, जो BPSC TRE 3.0 पेपर लीक कांड में वांटेड था. उसका नेटवर्क तेलंगाना और उत्तराखंड तक फैला है. बिहार पुलिस की नोडल इकाई EOU ने चालक सिपाही भर्ती परीक्षा और प्रवर्तन सब-इंस्पेक्टर परीक्षा से पहले राज्य भर में रेड तेज कर दी है. इसका मकसद परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले संगठित गिरोहों को तोड़ना है.
पटना. बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पेपर लीक माफिया के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है. EOU ने कुख्यात संजीव मुखिया गिरोह के सक्रिय सदस्य संजय कुमार प्रभात को गिरफ्तार कर लिया है. उसे पटना के गोला रोड इलाके से दबोचा गया. अधिकारियों ने सोमवार को उसे हिरासत में लिया और मंगलवार को जेल भेज दिया. संजय प्रभात लंबे समय से जांच एजेंसी के रडार पर था. वह BPSC TRE 3.0 पेपर लीक कांड में वांटेड था.
संजय प्रभात पर आरोप है कि उसने प्रश्नपत्र लीक करने के बदले हर उम्मीदवार से लगभग एक लाख रुपये वसूले थे. यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब बिहार में कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं होने वाली हैं. EOU का मकसद इन परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना है. संजय ने पूछताछ में पेपर लीक से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी हैं.
संजीव मुखिया से भी हो सकती है पूछताछ: संजय प्रभात की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के सरगना संजीव मुखिया पर भी शिकंजा कस सकता है. EOU इस मामले में अब संजीव मुखिया से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है. संजीव फिलहाल नीट यूजी पेपर लीक मामले में जमानत पर बाहर है. संजय प्रभात ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक किए हैं. इस धंधे से उसने भारी मात्रा में अवैध संपत्ति भी बनाई है. उसने आने वाली परीक्षाओं के लिए भी कई उम्मीदवारों से एडमिट कार्ड ले रखे थे.
हैदराबाद और उत्तराखंड तक फैला नेटवर्क: संजय प्रभात का आपराधिक रिकॉर्ड काफी पुराना है. उसका नेटवर्क सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है. वह तेलंगाना के TSEAMCET 2016 पेपर लीक मामले में भी आरोपी है. इस केस की जांच हैदराबाद CID कर रही है. इसके अलावा उत्तराखंड के हल्द्वानी में दर्ज AIPMT 2016 लीक केस में भी उसका नाम शामिल है. वह एक शातिर अपराधी है जो अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक करता रहा है.
अब तक 289 आरोपी गिरफ्तार: BPSC TRE-3 पेपर लीक मामले में EOU अब तक 289 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. बाकी संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है. बिहार पुलिस की नोडल इकाई EOU ने चालक सिपाही भर्ती परीक्षा और प्रवर्तन सब-इंस्पेक्टर परीक्षा से पहले राज्य भर में रेड तेज कर दी है. इसका मकसद परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले संगठित गिरोहों को तोड़ना है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें