Viral Song: पटना-गया पैसेंजर ट्रेन में गूंजती है 58 साल के शख्स की आवाज, इनके गीत के दीवाने हैं यात्री

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Gopal Paswan Viral Song: यदि आप पटना-गया पैसेंजर ट्रेन में सफर करते हैं तो गोपाल पासवान के गाने जरूर सुने होंगे. ये 58 साल की उम्र में ट्रेनों में यात्रियों को गाना सुनाकर उनका मनोरंजन करते हैं. लोगों को इनकी आ…और पढ़ें

हाइलाइट्स

  • गोपाल पासवान पटना-गया ट्रेन में गाना गाते हैं
  • यात्रियों को गोपाल पासवान की आवाज पसंद है
  • कोविड के बाद गोपाल ने ट्रेन में गाना शुरू किया
जहानाबादः यदि आप पटना से गया और गया से पटना की यात्रा सवारी गाड़ी से कर रहे हैं और अचानक से डिब्बे में कोई साउंड सिस्टम से म्यूजिक सुनाई पड़ जाए तो यह मत सोचिएगा कि यह व्यवस्था रेलवे की ओर से की गई है. रेलवे ने सवारी गाड़ी में यात्रियों के लिए संगीत की कोई व्यवस्था नहीं कर रखा है, बल्कि समय का मारा एक कलाकार अलग अलग गायकों की आवाज में गाना गाकर यात्रियों का दिल बहलाता नजर आ जाएगा. बदले में यात्री उनको गिफ्ट स्वरूप कुछ भेंट कर देते हैं, जिससे उनका जीवन गुजर बसर हो जाता है.

भले ही यात्रियों के गाने की फरमाइश मोबाइल में गाने का बोल ढूंढकर म्यूजिक सिस्टम से गाते हुए गोपाल पासवान के चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखती, लेकिन एक कलाकार जो कभी बड़े शिक्षण संस्थानों और सरकारी कार्यक्रमों में अपने जलवा बिखेरता हुआ दिखाई पड़ता था, किस्मत का खेल कहें कि आज वह बदनसीबी का मार झेल रहा है, जिसे ट्रेन में गाना गाकर अपनी जिदंगी गुजर बसर करनी पड़ रही है.

कोविड ने छीना रोजगार तो शुरू किया यह काम

गोपाल पासवान का कहना है, “कोविड महामारी के बाद हमारी रोजी रोटी छीन गई. क्योंकि हम ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे और न ही रोजी रोजगार का वैसा कुछ साधन हमारे पास था. ऐसे में 58 साल की उम्र भी हो चली तो क्या ही करता? यही सोचकर ठान लिया कि अब ट्रेन में यात्रियों को अपनी आवाज सुनाएंगे और उससे कुछ कमाई भी हो जाएगी. इस दौरान पहले सोचा कि रूट कौन सा चुना जाए? फिर हमने पटना गया रूट चुना. क्योंकि यहां हजारों यात्री रोजाना सफर करते हैं. ऐसे में 1 माह का रेलवे मासिक पास बना लिया.”

इन कार्यक्रमों से लोगों को किया प्रेरित
आगे वह बताते हैं कि इसके बाद फिर पैसेंजर्स ट्रेन में गाना गा लोगों को सुनाते हैं. इससे जो कुछ भी पैसा मिलता है, उससे किसी तरह दाल रोटी चल जाता है. भागलपुर में कला जत्था में हम काम करते थे. यह कला संस्कृति विभाग की ओर से चलाया जाता था. इस दौरान कई कार्यक्रम जैसे स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से जुड़कर युवाओं को नई पहचान देने की कोशिश की. बात करने का अच्छा तरीका और मीठी आवाज से गोपाल पासवान काफी लोकप्रिय हुए. गोपाल पासवान का कुछ वीडियो सॉन्ग यूट्यूब पर भी मिल जाएंगे.

घरबिहार

Video: पटना-गया पैसेंजर ट्रेन में गूंजती है 58 साल के शख्स की आवाज



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