करवा चौथ की पूजा में क्यों जलाते हैं आटे का दीपक? जानें महत्व

Spread the love share


Karwa Chauth 2024 : सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत खास मायने रखता है। इस दिन महिलाएं पति की दीर्घायु और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए करवा चौथ का निर्जला व्रत रखती हैं। इस साल सुहागिनें 20 अक्टूबर 2024 को करवा चौथ का व्रत रखेंगी। करवा चौथ के दिन पूजा में आटे की दिया जलाने का विशेष महत्व है। आटे का दिया पूजा के लिए पवित्र और शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि करवा चौथ पूजा में आटे से बना दीपक जलाने से दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास बढ़ता है और सभी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। आइए जानते हैं करवा चौथ में आटे का दीपक जलाने का महत्व…

क्यों जलाते हैं आटे का दीपक ?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आटे का दीपक प्रज्ज्वलित किया जाता है। करवा चौथ की पूजा में आटे का दीपक जलाने से करवा माता और मां अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं। वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ाने और संकटों को दूर करने के लिए आटे से बना दीपक जलाना शुभ होता है। ऐसा माना जाता है कि जिसके लंबी उम्र की कामना करते हुए आटे का दीपक जलाया जाता है, उसे यमराज की पीड़ा नहीं सहनी पड़ती है। ज्योतिष शास्त्र में विवाह, नौकरी, गृह-क्लेश, कोर्ट-कचहरी के मामलों में जीत हासिल करने के लिए आटे का दीपक जलाना शुभ फलदायी माना जाता है।

कैसे जलाएं आटे का दीपक?

करवा चौथ के दिन सुहागिनों महिलाएं आटे में हल्दी डालकर उसे गूंथ लें और इस आटे से दीपक का आकार दें। इसके बाद दिये में घी डालकर पूजा के समय जलाएं। इस दौरान करवा माता से सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करें और चंद्रमा की पूजा के समय आटे का दीपक को छलनी में रखकर चांद और पति को छलनी से देखें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।



Source link


Spread the love share