Health Benefits of Kaner Flower: गांव-कस्बों में आपने कनेर का पेड़ ज़रूर देखा होगा. पीले, सफेद या गुलाबी फूल… देखने में जितना सुंदर, उतना ही बदनाम. लोग इसे ‘पीला ज़हर’ कहते हैं, क्योंकि गलत इस्तेमाल जानलेवा हो सकता है. लेकिन सच ये है कि सही जानकारी और सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यही कनेर आयुर्वेद में दवा बन जाता है. डॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ, जो रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के डीन हैं, बताते हैं कि कनेर के फूल ही नहीं, उसके पत्ते भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. बस फर्क इतना है कि जानकारी होनी चाहिए. कनेर के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-सेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से लोग इनका इस्तेमाल दर्द, खुजली और त्वचा रोगों में करते आ रहे हैं. कनेर ज़हरीला पौधा है. इसे कभी भी खाने में इस्तेमाल न करें और बिना जानकारी ज्यादा मात्रा में प्रयोग न करें. किसी गंभीर समस्या में डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है.