वेट लॉस के लिए कौन सी सर्जरी कराई जाती है? कितना पड़ता है असर और कितना आता है खर्च, यहां देखें पूरी डिटेल

Spread the love share


आखरी अपडेट:

Weight Loss Surgery Benefits: बैरियाट्रिक सर्जरी को बोलचाल में वेट लॉस सर्जरी कहा जाता है. इसमें मोटापे से जूझ रहे लोगों का फैट और वजन सर्जिकल तरीके से घटाया जाता है. डॉक्टर्स की मानें तो बैरियाट्रिक सर्जरी से अधिकतर मामलों में 30 से 40% तक वजन कम हो सकता है. यह सर्जरी काफी सुरक्षित होती है, लेकिन क्वालिफाइड डॉक्टर से करानी चाहिए.

ख़बरें फटाफट

ज़ूम

वेट लॉस सर्जरी से लोगों का काफी वजन कम हो सकता है.

मोटापे के लिए बेरिएट्रिक सर्जरी: मोटापे की समस्या दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही है और करोड़ों लोग इसका शिकार हो चुके हैं. मोटापा कोई बीमारी नहीं है, लेकिन यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ है. मोटापे के कारण डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और स्लीप एपनिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जब डाइट, एक्सरसाइज और दवाओं से वजन कम नहीं होता, तब डॉक्टर वेट लॉस सर्जरी यानी बैरियाट्रिक सर्जरी की सलाह देते हैं. अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि वेट लॉस सर्जरी क्या होती है, कैसे काम करती है, इसका कितना असर होता है और इसमें कितना खर्च आता है? इन सभी सवालों के जवाब जान लेते हैं.

नई दिल्ली के सर गंगाराम सिटी हॉस्पिटल के प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. रमन शर्मा ने News18 को बताया कि वेट लॉस के लिए बैरियाट्रिक सर्जरी की जाती है. इसमें गैस्ट्रिक बायपास, स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी और एडजस्टेबल गैस्ट्रिक बैंडिंग शामिल है. गैस्ट्रिक बायपास में पेट का आकार छोटा कर दिया जाता है और आंतों के हिस्से को बायपास किया जाता है, जिससे कम खाना खाने पर ही पेट भर जाता है. इससे कैलोरी का अवशोषण भी कम होता है. स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी में पेट का बड़ा हिस्सा निकाल दिया जाता है, जिससे भूख कम लगती है. गैस्ट्रिक बैंडिंग में पेट के ऊपरी हिस्से पर एक बैंड लगाया जाता है, ताकि खाने की मात्रा सीमित हो जाए. इन सभी तरीकों से मोटापे से जूझ रहे लोगों का वेट काफी कम हो जाता है.

डॉक्टर रमन ने बताया कि बैरियाट्रिक सर्जरी के जरिए लोगों का वजन करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है. इस सर्जरी के बाद कई मरीजों में टाइप-2 डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं में भी सुधार देखा जाता है. हालांकि यह कोई जादुई उपाय नहीं है. सर्जरी के बाद भी मरीज को सख्त डाइट प्लान, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की फॉलो-अप सलाह का पालन करना जरूरी होता है, वरना वजन दोबारा बढ़ सकता है. हर सर्जरी की तरह बैरियाट्रिक सर्जरी के भी कुछ जोखिम होते हैं. इससे बचने के लिए डॉक्टर सर्जरी के बाद नियमित सप्लीमेंट्स लेने और समय-समय पर जांच कराने की सलाह देते हैं.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsAppआपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

खर्च की बात करें, तो भारत में वेट लॉस सर्जरी का खर्च अस्पताल, शहर और सर्जरी के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. आमतौर पर इसका खर्च लगभग 2 लाख से 6 लाख रुपये तक हो सकता है. कुछ बड़े निजी अस्पतालों में यह लागत इससे अधिक भी हो सकती है. कई मामलों में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी मोटापे से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर इस सर्जरी को कवर करती है, लेकिन इसके लिए शर्तें लागू होती हैं. वेट लॉस सर्जरी उन लोगों के लिए एक विकल्प है, जिनका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) बहुत अधिक है और जिनकी सेहत पर मोटापे का गंभीर असर पड़ रहा है.

लेखक के बारे में

ऑथरीमजी

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



Source link


Spread the love share