इस पौधे की जड़ है सेहत का खजाना, मानसिक शांति से लेकर हाई ब्लड प्रेशर तक में असरदार, जानें कैसे करें सेवन

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Sarpagandha Health Benefits: आयुर्वेद में सर्पगंधा को एक प्रभावशाली औषधीय पौधा माना गया है. यह मानसिक शांति प्रदान करने, उच्च रक्तचाप नियंत्रित करने और तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक है. प्राचीन काल से आयुर्वेदिक चिकित्सा में उपयोग हो रहा यह पौधा आज भी उतना ही उपयोगी है. इसकी जड़ में मौजूद प्राकृतिक तत्व तनाव, चिंता, अनिद्रा और मानसिक विकारों में लाभकारी माने जाते हैं. सही मात्रा और चिकित्सकीय सलाह से इसका सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभ देता है.

आयुर्वेद में प्रकृति को सबसे बड़ा चिकित्सक माना गया है. हमारे आस-पास उगने वाले अनेक औषधीय पौधे ऐसे हैं, जिनमें गंभीर से गंभीर रोगों को ठीक करने की क्षमता होती है. इन्हीं औषधीय पौधों में सर्पगंधा का विशेष स्थान है. यह पौधा प्राचीन काल से ही आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में उपयोग किया जाता रहा है और आज भी इसकी उपयोगिता कम नहीं हुई है. मानसिक शांति, संतुलित रक्तचाप और तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने में सर्पगंधा को एक प्रभावशाली औषधि माना जाता है.

सर्पगंधा

सर्पगंधा एक झाड़ीदार पौधा है, जिसकी ऊंचाई लगभग 60 से 90 सेंटीमीटर तक होती है. इसके पत्ते हरे, चमकदार और लंबे होते हैं, जबकि फूल छोटे, सफेद या हल्के गुलाबी रंग के होते हैं. इस पौधे का सबसे उपयोगी भाग इसकी जड़ होती है, जिसमें औषधीय गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. आयुर्वेद के अनुसार इसकी जड़ में ऐसे प्राकृतिक तत्व होते हैं, जो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को शांत करने में सहायक होते हैं.

सर्पगंधा

हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर अंजु चौधरी ने बताया कि सर्पगंधा उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होता है. इसकी जड़ में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व रक्त वाहिकाओं को आराम देते हैं, जिससे रक्त का प्रवाह सामान्य रहता है और हृदय पर दबाव कम होता है. नियमित और नियंत्रित मात्रा में सेवन करने से यह हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए लाभकारी सिद्ध होती है. इसके सेवन से मासिक धर्म संबंधी समस्याओं में लाभ होता है. आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार सर्पगंधा मासिक धर्म की अनियमितता और उससे जुड़ी परेशानियों को कम करने में भी सहायक मानी जाती है.

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सर्पगंधा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद न आना एक आम समस्या बन गई है. सर्पगंधा में मौजूद शांतकारी गुण मस्तिष्क को आराम देते हैं और गहरी नींद लाने में मदद करते हैं. यह नींद की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ मानसिक थकान को भी कम करती है. इसका सेवन चिंता, तनाव और घबराहट को कम करता है. सर्पगंधा का प्रभाव सीधे तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है. यह अत्यधिक चिंता, मानसिक तनाव, घबराहट और बेचैनी को कम करने में सहायक होती है. यही कारण है कि इसे मानसिक शांति देने वाली जड़ी-बूटी भी कहा जाता है.

सर्पगंधा

आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार सर्पगंधा का उपयोग सिज़ोफ्रेनिया, उन्माद (मैनिया) और हिस्टीरिया जैसे मानसिक विकारों में सहायक माना गया है. यह मस्तिष्क की गतिविधियों को संतुलित करने में मदद करती है और मानसिक स्थिरता प्रदान करती है. सर्पगंधा पाचन क्रिया को सुधारने में भी सहायक है. यह भूख बढ़ाने, कब्ज दूर करने और पेट के कीड़ों को नष्ट करने में मदद करती है. सही पाचन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर होती है. इसका सेवन महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद होता है. आयुर्वेद के अनुसार सर्पगंधा एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है. इसकी जड़ को सुखाकर चूर्ण यानी पाउडर तैयार किया जाता है. इस चूर्ण का सेवन पानी या शहद के साथ किया जाता है. इसके अलावा सर्पगंधा की जड़ से काढ़ा बनाकर भी उपयोग किया जाता है. वर्तमान समय में बाजार में सर्पगंधा से बनी आयुर्वेदिक गोलियां और सिरप भी उपलब्ध हैं. इनका सेवन चिकित्सकीय सलाह से किया जाता है. सही मात्रा में उपयोग करने से यह कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है.

सर्पगंधा

सर्पगंधा केवल एक औषधीय पौधा नहीं, बल्कि जीवनशैली से जुड़ी कई समस्याओं का प्राकृतिक समाधान भी है. तेज़ रफ्तार जिंदगी, तनाव, अनिद्रा और मानसिक अशांति के इस दौर में सर्पगंधा जैसी जड़ी-बूटियाँ मानव जीवन के लिए वरदान साबित हो रही हैं. आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुर्वेद में भी सर्पगंधा की जड़ से बनी औषधियों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है. यह पौधा आज भी उतना ही उपयोगी है जितना पहले था.

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आयुर्वेद की अनमोल जड़ी बूटी है यह पौधा, तनाव और अनिद्रा में दिलाती है राहत



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