Kartavya Bhavan: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आज(बुधवार) को सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन करने वाले हैं. इस साथ शाम के करीब 6 बजकर 30 मिनट से कर्तव्य पथ पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे. इस भवन को बनवाने के पीछे सरकार का उद्देश्य अलग-अलग मंत्रालय और विभागों को एक ही स्थान पर लाना है. चलिए इस आर्टिकल के माध्यम से जानते हैं इस भवन की खासियत.
इस भवन को कर्तव्य पथ के दोनों तरफ बनाया गया है. इस भवन में एक साथ केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय चलेंगे. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बने केंद्र मंत्रालय के विभिन्न विभागों के लिए ऐसे 10 भवनों का निर्माण किया जाना है, जिनमें से तीन भवन का निर्माणकार्य पूरा हो चुका है. जिसका उद्घाटन पीएम मोदी आज करेंगे.
इस भवन को आधुनिक तकनीकों से लैस बनाया गया है. यह 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. इस भवन में दो फ्लोर हैं और लेवल हैं. कर्तव्य भवन-3 में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय हैं.
इस भवन में मुख्य 24 कॉन्फ्रेंस हॉल हैं. इन हॉल्स में एक बार में 45 लोग बैठ सकते हैं. वहीं इस भवन में अलग से 26 छोटे कॉन्फ्रेंस हॉल हैं. इनकी क्षमता की बात करें तो इनमें एक बार में 25 लोगों की बैठक कर सकते हैं. इसके अलावा इस भवन में 67 मीटिंग रूम या वर्क हॉल भी हैं. हर एक रूम की क्षमता 9 लोगों की है.
यदि कर्तव्य भवन में पार्किंग सुविधा की बात करें तो यहां एक बार में 600 गाड़ियों को पार्क किया जा सकता है. इसके अलावा इस भवन में योगा, क्रेच, मेडिकल रूम, कैफे, मल्टीपर्पज हॉल भी बनाए गए हैं. भवन में कुल 27 लिफ्ट, 27 सेंट्रलाइज एयर कंडीशन और 2 स्वचालित सीढ़ियां हैं. भवन की निगरानी के लिए एक सीसीटीवी सेंटर भी इस भवन के अंदर बनाया गया है.
इस परियोजना के तहत कृषि भवन, उद्योग भवन, शास्त्री भवन और निर्माण भवन को तोड़ दिया जाएगा. इन मंत्रालयों को खाली कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि जैसे-जैसे इन 10 भवनों का निर्माण कार्य पूरा होगा, वैसे ही इन मंत्रालयों को भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा. इस भवन में बिजली की आपूर्ति के लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं. बताया जा रहा है कि पूरे भवन में कुछ 5.34 लाख सोलर पैनल लगाए गए हैं. 2027 तक यह परियोजना पूरा हो जाएगा.
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