उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर के समर्थन में जंतर-मंतर पर न्याय महापंचायत, आंदोलन की दी चेतावनी

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उन्नाव रेप मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में रविवार (11 जनवरी) को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक न्याय महापंचायत का आयोजन किया गया. इस महापंचायत में विभिन्न क्षत्रिय संगठनों के सैकड़ों सदस्य काला पट्टा बांधकर पहुंचे और सेंगर को ‘निर्दोष’ बताते हुए उनके लिए न्याय की मांग की.

महापंचायत के दौरान आयोजकों ने साफ कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे. एबीपी न्यूज से खास बातचीत में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवनीश सिंह ने इस पूरे मामले को ‘साजिश’ करार दिया.

क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने क्या है?

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से सेंगर या पीड़िता से जुड़े नहीं हैं, लेकिन पिछले सात सालों से उन्नाव से उठ रही आवाजों और उपलब्ध साक्ष्यों को देखने के बाद उन्हें यकीन हो गया कि एक ‘जननायक’ को फंसाया गया है. अवनीश ने बताया कि मैंने किसी को नहीं बुलाया, बस एक मैसेज डाला और अनुमति न मिलने के बावजूद हजारों लोग यहां इकट्ठा हो गए.

अवनीश ने कहा कि जब कोई जनता के लिए काम करता है, तो उसके खिलाफ साजिशें रची जाती हैं. हम न्याय की मांग कर रहे हैं, क्योंकि एक निर्दोष व्यक्ति जेल में बंद है. महापंचायत का आयोजन ऐसे समय में हुआ है, जब सीबीआई और पीड़िता ने हाईकोर्ट से सेंगर को मिली जमानत का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

सीबीआई की भूमिका पर उठाए सवाल

इस पर अवनीश ने सीबीआई की भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने पहले सेंगर को दोषी ठहराया था, इसलिए वह आखिरी दम तक उन्हें दोषी साबित करने की कोशिश कर रही है. ट्रायल कोर्ट के फैसले को हमने माना, कोई आंदोलन नहीं किया. लेकिन हाईकोर्ट ने जमानत दी तो सीबीआई और पीड़िता को मान लेना चाहिए था.

पीड़िता द्वारा दिल्ली की सड़कों पर प्रोपेगैंडा और फर्जी हो-हल्ले की वजह से सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा. हम पीड़ित हैं और सुप्रीम कोर्ट से न्याय की गुहार लगा रहे हैं. पीड़िता ने क्षत्रिय समाज से न्याय दिलाने की अपील की थी.

‘मामले को अब खत्म किया जाए’

इस पर अवनीश ने कहा कि वे पीड़िता को बहन-बेटी की तरह सम्मान देते हैं. लेकिन अब समय आ गया है कि इस मामले को खत्म किया जाए. दोनों परिवार बहुत कुछ खो चुके हैं. इधर से लोग दुनिया छोड़ चुके, उधर से भी. पीड़िता से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि प्रतिशोध की आग में और न जलें, प्रोपेगैंडा बंद करें.

सोशल मीडिया पर पीड़िता की फोटो और पहचान उजागर करने की घटनाओं पर अवनीश ने सख्त ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि किसी बहन-बेटी की पहचान उजागर करना पूरी तरह गलत है. हमारी महासभा या किसी संगठन ने ऐसा नहीं किया. अगर किसी ने व्यक्तिगत रूप से किया तो मैं उसका विरोध करता हूं.

पीड़िता के बयान पर किया पलटवार

पीड़िता के उस बयान पर कि यह महापंचायत सुप्रीम कोर्ट के जजों पर दबाव बनाने के लिए है, अवनीश ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि अगर दबाव बनाना होता तो ट्रायल कोर्ट की सजा के समय ही सड़कों पर उतरते. हमें न्याय प्रक्रिया पर विश्वास है. हम यहां शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हैं, कोई नारेबाजी या आक्रामकता नहीं. अगर न्याय मांगना गुनाह है तो क्षमा मांगता हूं. आप लोग भी तो दबाव बनाने गए थे, तो अब क्या दिक्कत है?

आगे के कदमों पर बात करते हुए अवनीश ने संकेत दिया कि यह शुरुआत है. अब आगे हम जनता की अदालत बुलाएंगे. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अगली तारीख तय करेंगे. लाखों लोग आ सकते हैं. अगर आंदोलन से न्याय मिलेगा तो हम तैयार हैं.

2017 में कुलदीप सेंगर पर लगा था आरोप

उन्नाव रेप केस 2017 में सुर्खियों में आया था, जब पीड़िता ने सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया. सेंगर को निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन हाल ही में हाईकोर्ट ने जमानत दे दी. मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है. क्षत्रिय संगठनों का यह प्रदर्शन मामले में नया मोड़ ला सकता है, जहां एक तरफ पीड़िता न्याय की लड़ाई लड़ रही है, वहीं सेंगर के समर्थक साजिश का दावा कर रहे हैं.



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