एटा में आज से उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। जिला प्रशासन ने नकल विहीन और शुचितापूर्ण परीक्षा संपन्न कराने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ये परीक्षाएं प्रारंभ हुई हैं। जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने इस अवसर पर बताया कि नकल करने या इसका प्रयास करने वाले परीक्षार्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे दोषियों को 10 साल तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक का अर्थदंड भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे परीक्षार्थियों को न्यायालय से भी सजा दिलाई जाएगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इन बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी एटा ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप नकल पर रोक लगाने के लिए शासन स्तर से अत्यधिक सख्ती बरती जा रही है। जनपद एटा को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और यूपी पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति नकल या अनुचित साधनों के प्रयोग के बारे में न सोचे। अनुचित साधन निवारण अधिनियम-2025 के तहत दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष तक का कारावास और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। जनपद में कुल 92 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के लिए 6 जोनल मजिस्ट्रेट, 17 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 92 स्टैटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। हाईस्कूल की परीक्षा में 29,695 और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 2,72,260 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
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