चंडीगढ़ पीजीआई न्यूरो साइंस सेंटर में देरी, ओपीडी होगी शिफ्ट: नवंबर तक शुरू होने की उम्मीद, 3 साल में न्यूरोलॉजी मरीजों की संख्या दोगुनी – Chandigarh News

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चंडीगढ़ पीजीआई में बन रहा अत्याधुनिक न्यूरो साइंस सेंटर नवंबर तक मरीजों के लिए शुरू हो सकता है। अगर किसी वजह से सेंटर तय समय पर शुरू नहीं हो पाया, तो पीजीआई ने तय किया है कि ओ.पी.डी. की सुविधा नए बिल्डिंग में ही शुरू कर दी जाएगी। यह जानकारी डिप्टी डा

पंकज राय ने बताया कि पी.जी.आई. की कोशिश है कि मरीजों को बेहतर और अत्याधुनिक इलाज मिले, इसलिए हम ऐसे उपकरण खरीदना चाहते हैं जो एआई बेस्ड (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित) हों। लेकिन स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने हाल ही में 75 करोड़ रुपए की लागत वाले एआई-पेट स्कैनर के प्रस्ताव को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि इसकी कीमत काफी अधिक है।

3 साल में न्यूरोलॉजी मरीजों की संख्या दोगुनी

पीजीआई का न्यूरोलॉजी विभाग उन गिने-चुने विभागों में शामिल है जहां हर दिन मरीजों की भारी भीड़ रहती है। न्यूरोलॉजी ओपीडी में रोजाना 300 से 400 मरीज देखे जाते हैं।विभाग के आँकड़े बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है —

2021 में कुल मरीज: 44,862

2022 में कुल मरीज: 68,457

2023 में कुल मरीज: 82,587

6 मंजिला इमारत, 300 बेड और दोनों विभाग एक जगह

बन रहे न्यूरो साइंस सेंटर की खासियत यह है कि यहां न्यूरोलॉजी और न्यूरो सर्जरी दोनों विभागों की सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। यह सेंटर 6 मंजिला होगा और इसमें 300 बेड की व्यवस्था होगी। इससे मरीजों को इलाज के लिए अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा।

पीजीआई ने न्यूरो साइंस सेंटर के लिए 399 नए पदों की मांग की है, जिनमें फैकल्टी, नर्सिंग स्टाफ, पैरा-मेडिकल, हॉस्पिटल अटेंडेंट, सुरक्षा कर्मचारी और अन्य स्टाफ शामिल हैं।इसके अलावा, मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर के लिए 357 पदों की मांग भी संस्थान ने की है।

पहले 2021 तक पूरा होना था प्रोजेक्ट

गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट को साल 2021 तक पूरा किया जाना था, लेकिन लगातार बढ़ते फंड और उपकरण लागत के कारण इसमें देरी होती चली गई। अब उम्मीद है कि नवंबर 2025 तक न्यूरो साइंस सेंटर की शुरुआत हो जाएगी, जिससे शहर व आसपास के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।



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