बुरहानपुर में राजस्व अधिकारियों के न्यायिक और गैर न्यायिक विभाजन के विरोध में कार्रवाई शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश राजस्व अधिकारी कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने पूर्व में स्थगित किए गए विरोध को फिर से शुरू कर दिया है।
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कल (बुधवार) से प्रदेश सहित बुरहानपुर जिले के भी 3 तहसीलदार और 11 नायब तहसीलदार राजस्व कार्य नहीं करेंगे। वे केवल आपदा प्रबंधन से जुड़े कामकाज ही संभालेंगे। इस संबंध में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने कलेक्टर हर्ष सिंह को ज्ञापन सौंपा है।
संघ के अध्यक्ष और बुरहानपुर तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने बताया कि राजस्व अधिकारियों के न्यायिक और गैर न्यायिक दो वर्गों में विभाजन से संपूर्ण संवर्ग हतोत्साहित है। पहले मौखिक आश्वासन दिया गया था कि यह योजना तीन माह तक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में केवल 12 जिलों में लागू होगी।
इसके साथ यह भी कहा गया था कि राजस्व न्यायालयों को मर्ज नहीं किया जाएगा और गैर न्यायिक कार्यपालिक मजिस्ट्रेट को आवश्यक संसाधन प्रदान किए जाएंगे। इन आश्वासनों के बाद संवर्ग ने 20 जुलाई को विरोध स्थगित कर दिया था।
लेकिन अब यह योजना 9 जिलों – धार, भिंड, खरगोन, बालाघाट, मंदसौर, देवास, कटनी, मंडला और रीवा में कलेक्टरों द्वारा लागू कर दी गई है। राजस्व न्यायालयों को मर्ज किया गया है और गैर न्यायिक कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, राजस्व अधिकारियों को आवश्यक न्यूनतम स्टाफ और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
संघ ने निर्णय लिया है कि सभी अधिकारी आपदा प्रबंधन को छोड़कर अन्य सभी कामों से विरत रहेंगे। कोई भी सामूहिक अवकाश या हड़ताल पर नहीं जाएगा। सभी राजस्व अधिकारी जिला मुख्यालय पर उपस्थित रहेंगे।
कल सभी अधिकारी अपने प्रशासकीय वाहन जिलों में जमा कराएंगे और अपने डिजिटल सिग्नेचर के डोंगल सीलबंद कर जिला अध्यक्ष को सौंपेंगे। प्रतिदिन शाम 6 बजे जिले की स्थापना शाखा में संयुक्त उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर करेंगे।