सदर मंजिल के पास स्थित एक ऐतिहासिक गेट का प्लास्टर शुक्रवार रात अचानक गिर गया। प्लास्टर का टुकड़ा वहां से गुजर रही कार के बोनट पर गिरा था। हालांकि, गनीमत रही कि घटना में कार सवार को चोट नहीं आई है।
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जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के मीडिया प्रभारी हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने कहा कि “एक तरफ भोपाल को स्मार्ट सिटी बनाने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर पुराने भोपाल की धरोहरों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।
इमरान कहते हैं कि जिस हिस्से का प्लास्टर गिरा, उसका कुछ ही महीने पहले संरक्षण कार्य हुआ था। लेकिन, कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि वह चंद महीनों में ही टूट-फूट का शिकार हो गया। यह ना सिर्फ विभागीय लापरवाही दर्शाता है, बल्कि संरक्षण के नाम पर की जा रही खानापूरी को भी उजागर करता है।
हाजी इमरान हारून ने कहा-
जहां एक ओर शहर के अन्य हिस्सों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, वहीं पुराने भोपाल के लिए न तो कोई योजना बन रही है और न ही क्रियान्वयन। यह रवैया शहर की विरासत के साथ सौतेला व्यवहार है।


फतेहगढ़ इलाके में स्थित बुलंद दरवाजा।
बेनजीर गेट, इस्लामी गेट सहित कई इमारतें खतरे में
- हीरा मस्जिद, इकबाल मैदान के सामने, ऊपर से जर्जर हो चुकी है।
- हमीदिया गल्र्स स्कूल के पीछे की दीवार अब झूलने लगी है।
- पुतली घर और चिमनी मैदान अतिक्रमण की चपेट में हैं।
- बेनजीर गेट, इस्लामी गेट और बेनजीर महल जैसे बुलंद दरवाजे खस्ताहाल होते जा रहे हैं।