यमुनानगर के निजी अस्पताल में जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम
यमुनानगर के जगाधरी में स्थित एक निजी हॉस्पिटल में गर्भवती के भ्रूण की लिंग जांच कराने पहुंची एक महिला दलाल को अंबाला और यमुनानगर से पीएनटीडी की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए पकड़ा है। वहीं अल्ट्रासाउंड करने से पहले कागजी कार्रवाई ठीक से न
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दलाल ने गर्भवती से इसके लिए 25 रुपए में डील की थी, जिसमें से पांच हजार उसे पहले ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए गए थे और आठ हजार कैश अल्ट्रासाउंड के बाद दिए थे। रेड करने पहुंची हेल्थ डिर्पाटमेंट की टीम को देख दलाल घबरा गई और बाथरूम जाने का बहाना बनाकर गर्भवती से लिए 8 हजार रुपए कैश को टॉयलेट में जाकर फ्लश कर दिया, जिसे बाद में स्वस्थ्य विभाग की टीम ने सीवरेज में हाथ डालकर बाहर निकाला।
एमटीपी किट की रिपोर्ट बनाकर की सब्मिट
वहीं टीम द्वारा जांच के दौरान अस्पताल में एमटीपी किट का स्टॉक भी पाया गया है, जिसकी ड्रग कंट्रोल ऑफिसर डॉ. बिंदू धीमान द्वार चैक कर रिपोर्ट सब्मिट कर दी है। टीम दोपहर में करीब एक बजे अस्पताल पहुंची थी और रात 12 बजे तक कार्रवाई में जुटी रही।
करीब 9 घंटे चली इस कार्रवाई मं टीम द्वारा दलाल महिला के साथ-साथ अस्पताल प्रशासन से भी गहनता से पूछताछ की गई। टीम द्वारा मामले में जगाधरी सिटी थाने में शिकायत सौंप आरोपी महिला को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
दो सप्ताह की गर्भवती को डिकॉय बनाकर भेजा
यमुनानगर पीएनडीटी के नोडल ऑफिसर डॉ. विपिन ने बताया कि अंबाला टीम को सूचना मिली थी कि यमुनानगर के पास एक भ्रुण लिंग जांच कराने का गिरोह सक्रिय है और अंबाला के बलदेव नगर की एक महिला भ्रूण लिंग जांच कराने की दलाली करती है।
महिला को रंगे हाथों पकड़ने के लिए टीम ने एक दो सप्ताह की गर्भवती महिला को डिकॉय बनाकर आरोपी महिला के पास भेजा, जिसने अल्ट्रासाउंड करा भ्रुण लिंग जांच कराने की एवज में 25 हजार रुपए की डिमांड की।
अंबाला से पीछा करते हुए टीम यमुनानगर पहुंची
गर्भवती ने डील डन कर दी, जिस पर टीम द्वारा पांच हजार रूपए महिला को ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए गए थे। आरोपी शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे गर्भवती को यमुनानगर लेकर पहुंच गई थी। टीम अंबाला से ही महिला का पीछा करती हुई आ रही थी।
गर्भवती का अल्ट्रासाउंड होने के बाद दलाल को आठ हजार रुपए कैश दिया गया, जिसे उसने कपड़ों में छिपा लिया। तभी अंबाला और यमुनानगर की पीएनडीटी टीम ने रेड मार दी। टीम को देख दलाल महिला घबरा गई और टाॅयलेट जाने का कहने लगी।
टॉयलेट के सीवरेज में से हाथ डालकर निकाला कैश
टॉयलेट में जाकर उसने गर्भवती से लिए आठ हजार रुपए फ्लश कर दिए और बाहर आ गई। टीम द्वारा जब सख्ती से पूछताछ की गई तो आरोपी ने पैसों के बारे में बताया। ऐसे में हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम द्वारा अस्पताल के बाहर उस टाॅयलेट से अटैच सीवरेज के ढक्कन को हटकर कैश हाथों से 500-500 के आठ नोट बाहर निकाले, जबकि दो नोट आगे बह गए।
वही अस्पताल के रिकॉर्ड चैक किया गया तो पेशेंट को एडमिट करने को लेकर कागजी कार्रवाई में खामी पाई गई। जिसके चलते अस्पताल की अल्ट्रासाउंड की मशीन को सील किया गया है। डिस्ट्रिक्ट एप्रोप्रियेट अथॉरिटी में फाइल किया जाएगा।वहीं अस्पताल में एमटीपी किट का स्टॉक मिला है उसे ड्रग कंट्रोल ऑफिसर डॉ. बिंदू धीमान चैक कर अपनी रिपोर्ट सब्मिट कर दी है।
एमरजेंसी केस को देखते हुए फार्म नहीं भरा: डॉक्टर
मामले में अस्पताल के डॉक्टर का कहना है कि उनके पास दिन में एक पेशेंट आई थी। पेशेंट के पेट में बहुत दर्द हो रहा था, जिस कारण उसे एमरजेंसी में उसका अल्ट्रासाउंड करना पड़ा। पेशेंट के पास आधार कार्ड नहीं था। उसके कहा था कि उसके परिजन थोड़ी देर में लेकर आ जाएंगे। उन्होंने एमरजेंसी को देखते हुए बिना फॉर्म भरे उसका अल्ट्रासाउंड किया।
छापामारी के दौरान स्वास्थय विभाग की टीम में यमुनानगर के पीएनडीटी के नोडल ऑफिसर डॉ. विपिन के नेतृत्व में यह रेड की गई। टीम में एसएमओ अंबाला सिटी डॉ. विजय वर्मा, डॉ. हितार्थ, अंबाला के पीएनडीटी नोडल ऑफिसर डॉ. मुकेश, डॉ. रिशी पाल व यमुनानगर से डॉ. संदीप शामिल थे।