सुल्तानपुर में पोते की मृत्यु के सदमे से दादी ने भी दम तोड़ दिया। शनिवार दोपहर को दादी और पोते की अर्थी एक साथ उठी, जिससे पूरे गांव में गहरा शोक छा गया। स्थानीय विधायक राजेश गौतम ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। दोस्तपुर के बभनझ्या पश्चिम निवासी 39 वर्षीय गुड्डू गौतम 2 जनवरी की सुबह 7 बजे से लापता थे। उनके परिजनों ने दोस्तपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुड्डू की तलाश में पोस्टर भी जारी किए थे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पा रहा था। गुरुवार को गुड्डू का शव उनके घर से लगभग दो सौ मीटर दूर एक सूखे तालाब में मिला। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रात को सोईं, सुबह नहीं उठीं
शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद गुड्डू का शव घर पहुंचा। अंधेरा होने के कारण परिजनों ने शनिवार को अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। रात भर परिवार के सदस्य शव के पास बैठे रहे। इसी दौरान, मृतक की 75 वर्षीय दादी द्रोपदी देवी रात को सोईं और सुबह नहीं उठ पाईं। परिजनों का मानना है कि पोते की मृत्यु के सदमे के कारण ही उनका निधन हुआ है। घटना की जानकारी मिलने पर विधायक राजेश गौतम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। दोपहर में दोनों शवों को ऊष्मा घाट ले जाया गया, जहां मृतक गुड्डू के भतीजे राम कुमार ने दादी और पोते दोनों को मुखाग्नि दी। इस अवसर पर पूर्व नगर पंचायत सभासद राजेश त्रिपाठी, नगर सपा पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमाशंकर पाठक, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष रमेश सोनकर, सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह, सब इंस्पेक्टर सियाराम, कांस्टेबल आनंद सिंह और योगेंद्र सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मृतक गुड्डू कस्बे में ठेले पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से उनकी पत्नी किरण, बेटियां खुशी, दीपांशी, तान्या और बेटे आकृत गहरे सदमे में हैं।
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