गोरखपुर AIIMS में बुधवार से विधिविज्ञान (फॉरेंसिक मेडिसिन) सेवाएं औपचारिक रूप से शुरू हो गईं। संस्थान के अत्याधुनिक शवगृह में पहले दिन दो शवों का पोस्टमार्टम किया गया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ ही AIIMS गोरखपुर ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और जनसे
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इस सेवा के शुभारंभ में AIIMS गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता की अग्रणी भूमिका रही। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और मजबूत प्रशासनिक दिशा-निर्देशन के चलते शवगृह की योजना, निर्माण और संचालन साकार हो सका। डॉ. दत्ता का सतत प्रयास रहा है कि संस्थान में विधिविज्ञान सेवाओं को इस स्तर तक सुदृढ़ किया जाए कि यहां न केवल गुणवत्तापूर्ण पोस्टमार्टम सेवाएं मिलें, बल्कि चिकित्सा विद्यार्थियों को भी उच्च स्तरीय व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त हो।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने किया परीक्षण
बुधवार को हुए दोनों शव परीक्षण मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉ. आशीष सराफ और डॉ. नवनीत अटेरिया द्वारा किए गए। दोनों ने पूर्ण तकनीकी दक्षता और निर्धारित वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पोस्टमार्टम को सफलतापूर्वक संपन्न किया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि AIIMS गोरखपुर अब फॉरेंसिक सेवाओं के मामले में भी पूरी तरह सक्षम है।
BRD मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया दोपहर 2 बजे के बाद शुरू होती थी, जिससे पुलिस, डॉक्टर्स और मृतकों के परिजनों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब AIIMS गोरखपुर में यह प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू की जाएगी। इससे त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी और सभी संबंधित पक्षों को समय से राहत मिलेगी।
अब हार्ट अटैक जैसे मामलों में भी मिलेगी पुष्टि
नए शवगृह में AIIMS परिसर में होने वाली सभी मौतों के साथ-साथ AIIMS इलाके के अंतर्गत आने वाले अन्य क्षेत्रों की मृत्यु का भी पोस्टमार्टम किया जाएगा। इससे क्षेत्रीय लोगों को बेहतर और सुलभ फॉरेंसिक सेवाएं मिलेंगी।
अब तक BRD मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक से मृत्यु की स्पष्ट पुष्टि नहीं होती थी। इस तरह के मामलों में केवल बिसरा सुरक्षित किया जाता था। लेकिन AIIMS गोरखपुर की उन्नत फॉरेंसिक व्यवस्था से अब ऐसी मौतों की रिपोर्ट में हार्ट अटैक जैसे कारणों की पुष्टि भी संभव हो सकेगी।
शिक्षा, न्याय और जनसेवा को मिलेगा लाभ
शवगृह संचालन से मेडिकल छात्रों को वास्तविक मामलों पर प्रशिक्षण मिलेगा, न्यायिक प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी होंगी और क्षेत्रीय जनता को त्वरित, पारदर्शी एवं वैज्ञानिक शव परीक्षण सुविधा मिलेगी। गोरखपुर AIIMS का यह प्रयास न केवल संस्थान के लिए एक नई शुरुआत है, बल्कि पूर्वांचल क्षेत्र के लोगों के लिए भी राहत और भरोसे का स्रोत साबित होगा।