शरद पवार समाचार: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव से पहले महाविकास अघाड़ी (MVA) में शामिल पार्टियों के बीच दरार पड़ने के संकेत दिख रहे हैं. उद्धव ठाकरे की ओर से अकेले चुनाव मैदान में उतरने के ऐलान के बाद एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार एमवीए में मतभेदों को दूर करने की वकालत करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि गठबंधन के अन्य दल चाहते हैं कि बैठकर मसले का हल निकाला जाना चाहिए.
शरद पवार ने शुक्रवार (24 जनवरी) को उम्मीद जताई कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के आगामी स्थानीय निकाय में अपने संगठन के अकेले चुनाव लड़ने के संकेत देने के बाद कोई अतिवादी रुख नहीं अपनायेंगे.
शरद पवार ने MVA को लेकर क्या कहा?
पवार ने कहा, ”यद्यपि उद्धव ठाकरे ने स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने पर अपनी राय व्यक्त की है, विपक्षी महाविकास आघाडी (एमवीए) के अन्य घटक महसूस करते हैं कि इस मुद्दे को सहयोगियों के बीच सौहार्दपूर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए.” एमवीए में कांग्रेस, शरद पवार की एनसीपी (SP) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) शामिल हैं.
उद्धव ठाकरे पर क्या बोले शरद पवार?
कोल्हापुर शहर में पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”महाराष्ट्र सरकार द्वारा दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान भारतीय कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करना और उन्हें निवेश के रूप में पेश करना भ्रामक है.”
ठाकरे की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, ”उद्धव ठाकरे ने पहले स्थानीय निकायों के चुनाव अकेले लड़ने की बात कही थी. दो दिन पहले उन्होंने मुझसे इस संबंध में विस्तृत चर्चा की थी और गुरुवार (23 जनवरी) को उन्होंने शिवसेना की ओर से आयोजित सभा के दौरान जो कहा, वह उनकी राय को दर्शाता है. लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह कोई अतिवादी रुख अपनाएंगे.”
उद्धव ठाकरे ने 23 जनवरी को क्या कहा?
मुंबई में गुरुवार को शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की 99वीं जयंती पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए, उद्धव ठाकरे ने कहा, ”वह पार्टी कार्यकर्ताओं से बात कर रहे हैं और वे चाहते हैं कि पार्टी आगामी स्थानीय निकाय के चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़े. क्या आप गद्दारों को उनकी जगह दिखाने के लिए तैयार हैं? चुनाव की घोषणा होनी अभी बाकी है. मुझे अपनी तैयारी देखने दीजिए और मैं आपकी इच्छा के अनुसार निर्णय लूंगा. मैं उचित समय पर निर्णय लूंगा.”
हिंदुत्व के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की ठाकरे की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, ”उनके सहयोगी बार-बार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि उनका (शिंदे गुट का) हिंदुत्व वास्तविक नहीं है, और उन्होंने मुंबई कार्यक्रम के दौरान केवल उस दावे को दोहराया है.
उन्होंने जोर देकर कहा, ”दोनों (शिवसेना) गुटों ने बालासाहेब ठाकरे की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए, प्रत्येक गुट ने उनकी विरासत पर अपना दावा जताया. लेकिन अगर लोगों की उपस्थिति पर विचार किया जाए, तो ठाकरे की रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.”
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