Video: यह है बिहार का इनामी शूटर नाढ़ा मियां, गिरफ्तारी के बाद SSP ऑफिस में कुख्यात के तेवर देखिए

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भागलपुर जिला पुलिस भागलपुर के टॉप 10 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल अय्याज उर्फ नाढ़ा मियां की गिरफ्तारी का खुलासा करने के लिए एसएसपी ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता की. एसएसपी ने बताया कि नाढ़ा टिंकू मियां गैंग का मुख्य शूटर था. गिरफ्तार अभियुक्त नाढ़ा मियां को शुक्रवार देर शाम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

भागलपुर पुलिस के टॉप 10 अपराधी की लिस्ट में था नाढ़ा, अजमेर से लौटने में गिरफ्तार हुआ

भागलपुर के एसएसपी हृदयकांत ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर अय्याज उर्फ नाढ़ा मियां की गिरफ्तारी की गयी है. नाढ़ा भागलपुर पुलिस जिला के टॉप 10 अपराधियों की सूची में शामिल था. उसपर 25 हजार का इनाम भी घोषित था. सूचना मिली थी कि नाढ़ा अजमेर शरीफ से ट्रेन से भागलपुर लौट रहा था. जहां उसके मुंगेर के एक स्टेशन पर उतरने की सूचना थी. इस पर भागलपुर पुलिस की डीआइयू टीम को लगाया गया था. टीम को तीन टुकड़ियों में बांटा गया था. जिसमें एक जमालपुर, दूसरी टीम बरियारपुर और तीसरी टीम को सुल्तानगंज में प्रतिनियुक्त किया गया था.

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सुल्तानगंज में नाढ़ा मियां पकड़ाया

नाढ़ा मुंगेर जिला के बरियारपुर स्टेशन पर उतरा और वहां से भागलपुर के लिए निकला. जहां सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में प्रवेश करते ही उसे टीम ने दोनों तरफ से घेर लिया और उसकी गिरफ्तारी की गयी. उसके पास से किसी भी प्रकार के हथियार की बरामदगी नहीं हुई है. नाढ़ा बबरगंज थाना क्षेत्र में विगत वर्ष 2022 में दर्ज हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के मामले का अभियुक्त था. और पिछले दो सालों से फरार था. उक्त मामले में पुलिस ने गोलीबारी की घटना में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी कर चुकी है.

हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट सहित 9 कांडों का अभियुक्त है नाढ़ा

प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी ने बताया कि नाढ़ा मियां के विरुद्ध भागलपुर पुलिस जिला के विभिन्न थानों में कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं. तातारपुर थाना में 20 मई 2011 को दर्ज हथियार के बल पर डकैती, तातारपुर में 9 अक्तूबर 2016 को दर्ज आर्म्स एक्ट, मोजाहिदपुर थाना में 29 जनवरी 2017 को दर्ज डकैती कांड, हबीबपुर थाना में 13 अप्रैल 2018 को दर्ज हत्या के प्रयास व छीनछोर का केस, तिलकामांझी में 20 अप्रैल 2018 को दर्ज अमरजीत हत्याकांड, मोजाहिदपुर थाना में 14 जुलाई 2019 को दर्ज लूटकांड, हबीबपुर थाना में 4 अगस्त 2020 को दर्ज मारपीट के दौरान बम विस्फोट करने का मामला, अकबरनगर थाना में विगत 5 नवंबर 2020 को दर्ज खाद कारोबारी के बेटे से लूट के दौरान उसकी हत्या का मामला और बबरगंज थाना में 14 सितंबर 2022 को दर्ज काजल हत्याकांड के मुख्य गवाह मो आरिफ पर चलायी गयी गोली के मामले का अभियुक्त रह चुका है.



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